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भारतमेंशाकाहारसेआगेपूर्णवीगनजीवन

दुनिया की सबसे बड़ी शाकाहारी परंपरा और डेयरी उद्योग — दोनों यहीं मिलते हैं। भारत में वीगन बनना पूरी तरह संभव, स्वादिष्ट और स्वदेशी है।

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भारत आँकड़ों में

प्यू रिसर्च (2021) के अनुसार 39% भारतीय अपनी पहचान शाकाहारी बताते हैं — दुनिया का सबसे बड़ा शाकाहारी आबादी वाला देश। लेकिन डेयरी की भूमिका बहुत बड़ी है: भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है (24% वैश्विक उत्पादन)।

फिर भी परंपरागत भारतीय व्यंजन का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से पौध-आधारित है: दाल-चावल, चना-कुलचा, राजमा, इडली-सांबार, पोंगल, थेपला, बाजरे की रोटी, धोखला, पानीपुरी। ‘घी’ और ‘पनीर’ हटा दें तो अधिकांश थाली स्वयं ही वीगन हो जाती है।

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भारतीय शाकाहारी हैं (Pew Research, 2021)
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से भी कम भारतीय अभी पूर्ण वीगन (RGICS, 2022)
0 मिलियन+
दूध देने वाली गायें/भैंसें — दुनिया में सर्वाधिक
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जल-भूमि पशु प्रति वर्ष भारत में मारे जाते हैं

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कानून और संस्थाएँ

प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एक्ट, 1960. किसी भी पशु को अनावश्यक पीड़ा देना अपराध — मूल कानून, पर दंड नाममात्र (₹50) है; 2022 का संशोधन विधेयक इसे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (वीगन फ़ूड) रेगुलेशन, 2022. FSSAI द्वारा अधिसूचित — पैकेज्ड वीगन उत्पादों पर आधिकारिक ‘वीगन लोगो’ की व्यवस्था।

सुप्रीम कोर्ट का जल्लीकट्टू / बुल-रेसिंग निर्णय (2023). अदालत ने राज्य कानूनों को बहाल रखा; पर परंपरा बनाम अनुच्छेद 51-A(g) के तहत जीवमात्र के प्रति करुणा की बहस अभी जारी है।

कारखाना-दूधशाला विनियमन. अधिकांश राज्यों में पशु-दूधशाला उद्योग के लिए न्यूनतम स्थान, वेंटिलेशन और वैज्ञानिक मानकों का अभाव — 2019 FIAPO जांच ने 451 शहरी डेयरियों में गंभीर उल्लंघन दर्ज किए।

यदि दुनिया के सबसे बड़े शाकाहारी देश ने डेयरी छोड़ दी, तो वैश्विक पशु उद्योग की रीढ़ ही टूट जाएगी।

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पारंपरिक व्यंजन — पौध-आधारित रूप

पनीर बटर मसाला

टोफू या काजू-पनीर बनाकर वही ग्रेवी में डालें — मक्खन के स्थान पर वीगन बटर या ठंडा नारियल तेल। स्वाद में अंतर नहीं।

मसाला चाय

सोया या ओट मिल्क में अदरक, इलायची, दालचीनी, लौंग उबालें। बहुत सी शहरी चाय-दुकानों पर अब ‘सोया चाय’ मिलती है।

दाल मखनी

काली दाल + राजमा + टमाटर की ग्रेवी, क्रीम की जगह भीगे काजू का पेस्ट, मक्खन की जगह नारियल तेल। रात भर सिमरिंग जरूरी।

लस्सी / छाछ

सोया दही या नारियल दही से बनी लस्सी — अच्छी मात्रा में प्रोबायोटिक्स भी देती है।

बिरयानी

सोया चंक्स या जैकफ्रूट (कठहल) बिरयानी — हैदराबाद और लखनऊ की मूल परंपराओं में सब्जी बिरयानी हमेशा से थी।

गुलाब जामुन / रसमलाई

मावा की जगह नारियल का दूध + सूजी + बादाम पाउडर; रसमलाई के लिए टोफू-आधारित बूंदी। कई भारतीय ब्रांड (One Good, Katharos) अब यह बनाकर बेच रहे हैं।

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जरूर आजमाएँ ये जगहें

Carrots

Bengaluru

भारत का पहला 100% वीगन कैफे (2012)। दक्षिण भारतीय-मेड।

Imagine Meats

Mumbai / online

रितेश देशमुख की पौध-आधारित मीट ब्रांड — कीमा, समोसा, बिरयानी मीट।

Rose Cafe

New Delhi

साकेत का पुराना वीगन-फ्रेंडली कैफे; काजू पनीर टिक्का प्रसिद्ध।

Butterfly High

Bengaluru

जनवरी ‘Veganuary’ में समर्पित 30-आइटम वीगन मेन्यू।

Terrasine

Mumbai

बांद्रा की क्लीन-ईटिंग बेकरी — बादाम-मिल्क कैप्पुचिनो, वीगन क्रोइसां।

Green Theory

Chennai

तमिल किचन में पूरी तरह वीगन थाली — सम्बार, रसम, पोरियल।

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संगठन और अभयारण्य

  • FIAPO — Federation of Indian Animal Protection Organisationsभारत का सबसे बड़ा पशु-अधिकार गठबंधन। शहरी डेयरी जांच 2019 का प्रवर्तक।
  • Vegan India Movementदेशव्यापी नेटवर्क; ‘Veganuary India’ का आयोजक।
  • Sharan IndiaDr. Nandita Shah की संस्था — डायबिटीज़ को वीगन आहार से पलटने का प्रोग्राम।
  • Sadhana Forest / Animal Aid Unlimitedपशु बचाव केंद्र — तमिलनाडु, उदयपुर।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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