
टोफू बनाम चिकन
तुलना
आँकड़े
| आँकड़े | टोफू | चिकन |
|---|---|---|
| प्रोटीन (ग्राम / 100 ग्राम) | 8 | 27 |
| जलवायु प्रभाव (कि.ग्रा CO₂e / कि.ग्रा) | 3.2 | 6.9 |
| पानी का उपयोग (लीटर / कि.ग्रा) | 149 | 660 |
| भूमि का उपयोग (मी² / कि.ग्रा) | 2.2 | 7.1 |
| संतृप्त वसा (ग्राम / 100 ग्राम) | 0.7 | 1 |
| फाइबर (ग्राम / 100 ग्राम) | 0.9 | 0 |
फैसला
टोफू, चिकन की तुलना में एक बेहतर विकल्प है। यह कम जमीन और पानी का उपयोग करता है और इसका कार्बन फुटप्रिंट भी कम है। अगर प्रोटीन आपकी प्राथमिकता है, तो चिकन को चुनने के बजाय टोफू की मात्रा (पोर्शन) बढ़ा दें।
स्रोत: Poore & Nemecek (Science, 2018), FAO, USDA FoodData Central, Mekonnen & Hoekstra (2011)।
विस्तार से
पूरा उत्तर
टोफू और चिकन दोनों ही प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं, लेकिन इनकी तुलना अक्सर इसलिए की जाती है क्योंकि एक पौधा-आधारित है और दूसरा मांसाहारी। टोफू सोयाबीन के दूध को जमाकर बनाया जाता है, जबकि चिकन मुर्गे का मांस है। लोग स्वास्थ्य, पर्यावरणीय प्रभाव और नैतिक कारणों से इनकी तुलना करते हैं। दोनों ही खाने में बहुमुखी हैं और विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल होते हैं।
पोषण की दृष्टि से चिकन में प्रति १०० ग्राम ३१ ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि टोफू में ८ ग्राम। टोफू में आइसोफ्लेवोन्स होते हैं, जबकि चिकन में विटामिन बी१२ प्रचुर मात्रा में होता है। पर्यावरणीय प्रभाव में टोफू का कार्बन फुटप्रिंट चिकन की तुलना में काफी कम है, क्योंकि प्रति ग्राम प्रोटीन के उत्पादन में टोफू के लिए कम पानी और जमीन लगती है। चिकन उत्पादन में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अधिक होता है।
असल जीवन में चुनाव आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। यदि आप प्रोटीन की अधिक मात्रा चाहते हैं, तो चिकन बेहतर हो सकता है; हालांकि, दोनों में सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। लेकिन अगर आप पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं या शाकाहारी हैं, तो टोफू एक अच्छा विकल्प है। टोफू को मैरीनेट करके या मसालों के साथ पकाकर उसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है। दोनों को संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है।
एक नज़र में
मुख्य तथ्य
| बिंदु | जानने योग्य |
|---|---|
| प्रति १०० ग्राम प्रोटीन | टोफू ८ ग्राम, चिकन ३१ ग्राम |
| प्रति १०० ग्राम कैलोरी | टोफू ७६, चिकन १६५ |
| कार्बन फुटप्रिंट | टोफू का चिकन से बहुत कम |
| मुख्य पोषक तत्वों का अंतर | चिकन में बी१२ होता है, टोफू में आइसोफ्लेवोन्स होते हैं |
व्यवहार में
आपके लिए इसका मतलब
- टोफू को मैरीनेट करें ताकि उसका स्वाद बढ़ सके।
- वसा कम रखने के लिए चिकन की जगह टोफू चुन सकते हैं।
- टोफू की बनावट बेहतर बनाने के लिए उसे पकाने से पहले प्रेस करें।
- चिकन को सुरक्षा के लिए अच्छी तरह पकाएं।
प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या टोफू चिकन से सस्ता है?
क्या टोफू में चिकन जितना प्रोटीन होता है?
क्या टोफू का स्वाद चिकन जैसा बनाया जा सकता है?
स्रोत: Poore & Nemecek (Science, 2018), FAO, USDA FoodData Central, Mekonnen & Hoekstra (2011)।
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