
फाइटेट
परिभाषा
'फाइटेट' का अर्थ
फाइटेट, या फाइटिक एसिड, अनाज, दालों और बीजों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। यह आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे खनिजों से बंधकर उनकी जैवउपलब्धता को कम करता है। भिगोने, अंकुरित करने या किण्वन से फाइटेट का स्तर घटाया जा सकता है।
संबंधित शब्द
विस्तार से
पूरा उत्तर
फाइटेट एक प्राकृतिक यौगिक है जो अनाज, दालों, बीजों और मेवों में पाया जाता है। इसे फाइटिक एसिड के रूप में भी जाना जाता है और यह पौधों में फास्फोरस का मुख्य भंडारण रूप है। जब आप साबुत अनाज, चावल, गेहूं, या दालें खाते हैं, तो आप फाइटेट का सेवन करते हैं। यह विशेष रूप से ब्राउन राइस, ओट्स, और बीन्स में उच्च मात्रा में होता है।
फाइटेट काम करता है पाचन तंत्र में कुछ खनिजों जैसे आयरन, जिंक, कैल्शियम और मैग्नीशियम से बंधकर। यह बंधन एक अघुलनशील कॉम्प्लेक्स बनाता है जिसे शरीर आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। इस प्रक्रिया को 'खनिज अवरोध' कहा जाता है। हालांकि, खाना पकाने, भिगोने, अंकुरित करने या किण्वन जैसी प्रक्रियाएं फाइटेट के स्तर को काफी कम कर सकती हैं, जिससे खनिज अवशोषण में सुधार होता है।
फाइटेट को अक्सर 'एंटीन्यूट्रिएंट' कहा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और कुछ अध्ययनों में कैंसर और हृदय रोग के जोखिम को कम करने से जोड़ा गया है। संतुलित आहार में फाइटेट का मध्यम सेवन आमतौर पर चिंता का विषय नहीं है, खासकर अगर आप विविध पौध-आधारित खाद्य पदार्थ खाते हैं। हालांकि, उच्च फाइटेट वाले आहार पर निर्भर लोगों को खनिज की कमी का खतरा हो सकता है।
एक नज़र में
मुख्य तथ्य
| बिंदु | जानने योग्य |
|---|---|
| मुख्य स्रोत | अनाज, दालें, बीज, मेवे |
| प्रभावित खनिज | आयरन, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम |
| कम करने की विधि | भिगोना, अंकुरित करना, किण्वन |
| सामान्य स्तर | अनाज में 0.5-2% वजन के अनुसार |
व्यवहार में
आपके लिए इसका मतलब
- दालों और अनाज को रात भर भिगोकर रखें, फिर पानी निकालकर पकाएं—इससे फाइटेट कम होता है।
- अंकुरित दालें और अनाज खाएं; अंकुरण प्रक्रिया फाइटेट को तोड़ती है और पोषक तत्व बढ़ाती है।
- खट्टा आटा (सॉरडॉ) या किण्वित अनाज उत्पाद चुनें, क्योंकि किण्वन फाइटेट को काफी कम करता है।
- आयरन या जिंक की कमी होने पर फाइटेट-युक्त खाद्य पदार्थों को विटामिन सी स्रोतों जैसे नींबू के साथ खाएं।
प्रश्न