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शब्दावली · Ethics

उपयोगितावाद

उपयोगितावाद एक नैतिक सिद्धांत है जो किसी कार्य का मूल्यांकन उसके परिणामों के आधार पर करता है, जिसका उद्देश्य समग्र सुख को अधिकतम करना और पीड़ा को न्यूनतम करना होता है।

परिभाषा

'उपयोगितावाद' का अर्थ

जेरेमी बेंथम और जॉन स्टुअर्ट मिल द्वारा प्रतिपादित उपयोगितावाद के अनुसार, नैतिक रूप से सही वह कार्य है जो सभी प्रभावित प्राणियों के लिए सबसे अधिक शुद्ध कल्याण उत्पन्न करता है। खाद्य नैतिकता के क्षेत्र में, यह दृष्टिकोण अक्सर खेतों में पाले जाने वाले जानवरों की पीड़ा को कम करने का समर्थन करता है, भले ही इसके लिए उत्पादन प्रणालियों में बदलाव करना पड़े। यह सिद्धांत सभी संवेदनशील प्राणियों के हितों को समान महत्व देता है और किसी भी कार्य के नैतिक मूल्यांकन का आधार उससे उत्पन्न कुल सुख और पीड़ा के संतुलन को मानता है।

विस्तार से

पूरा उत्तर

यूटिलिटेरियनिज़्म एक नैतिक सिद्धांत है जो कहता है कि किसी कार्य की नैतिकता उसके परिणामों से तय होती है, खासकर उससे उत्पन्न खुशी या दुख की मात्रा से। यह विचार जेरेमी बेंथम और जॉन स्टुअर्ट मिल जैसे दार्शनिकों ने विकसित किया। आप इस सिद्धांत से तब मिलते हैं जब आप सोचते हैं कि क्या किसी जानवर को मारना सही है अगर इससे ज़्यादा लोगों को फायदा होता है।

यह सिद्धांत वास्तविक दुनिया में इस तरह काम करता है कि हर कार्य या नियम का मूल्यांकन उसके कुल कल्याण पर प्रभाव के आधार पर किया जाता है। उदाहरण के लिए, फ़ैक्टरी फार्मिंग में, कम लागत पर ज़्यादा मांस उत्पादन से उपभोक्ताओं को सस्ता भोजन मिलता है, लेकिन जानवरों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ती है। यूटिलिटेरियन दृष्टिकोण से, इस पीड़ा को उस खुशी के मुकाबले तौला जाता है जो लोगों को सस्ते मांस से मिलती है।

यह सिद्धांत आपके खाने-पीने के फैसलों में मायने रखता है क्योंकि यह आपको यह सोचने पर मजबूर करता है कि आपकी पसंद से कितने प्राणियों को खुशी या दुख मिलता है। हालांकि, इसकी एक सीमा यह है कि यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों को अनदेखा कर सकता है अगर बहुमत की खुशी के लिए उनका बलिदान दिया जाए। फिर भी, पौध-आधारित भोजन चुनना अक्सर ज़्यादा कल्याणकारी साबित होता है क्योंकि इससे जानवरों की पीड़ा कम होती है।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्यउपयोगितावाद
बिंदुजानने योग्य
मुख्य सिद्धांतअधिकतम खुशी, न्यूनतम दुख
प्रमुख दार्शनिकजेरेमी बेंथम, जॉन स्टुअर्ट मिल
लागू क्षेत्रनैतिकता, नीति-निर्माण, पशु कल्याण
आलोचनाअल्पसंख्यक अधिकारों की अनदेखी

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • जब भी आप मांस या डेयरी खरीदें, सोचें कि क्या इससे जानवरों को होने वाला दुख आपकी खुशी से ज़्यादा है।
  • पौध-आधारित विकल्प चुनकर आप कम से कम पीड़ा के साथ ज़्यादा लोगों को खुश कर सकते हैं।
  • रेस्तरां में ऑर्डर करते समय पूछें कि क्या उनके पास शाकाहारी विकल्प हैं, जो जानवरों के दुख को कम करते हैं।
  • दोस्तों से बहस में यूटिलिटेरियन तर्क का इस्तेमाल करें: 'क्या सस्ते मांस की खुशी जानवरों की पीड़ा के बराबर है?'

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यूटिलिटेरियनिज़्म का मतलब है कि मैं हमेशा वही करूं जो ज़्यादातर लोगों को खुश करे?
हाँ, लेकिन यह सिर्फ़ इंसानों तक सीमित नहीं है। यह सिद्धांत सभी संवेदनशील प्राणियों की खुशी और दुख को ध्यान में रखता है। इसलिए, अगर जानवरों को पीड़ा होती है, तो उसे भी गिना जाता है, भले ही ज़्यादातर लोग खुश हों।
क्या यूटिलिटेरियनिज़्म पशु अधिकारों का समर्थन करता है?
यह सीधे तौर पर अधिकारों की बात नहीं करता, बल्कि कल्याण पर ध्यान देता है। इसका मतलब है कि अगर जानवरों को पीड़ा होती है, तो उसे कम करना नैतिक है। कई यूटिलिटेरियन शाकाहार या वीगनिज़्म का समर्थन करते हैं क्योंकि इससे कुल पीड़ा घटती है।
क्या यह सिद्धांत हमेशा सही फैसला देता है?
नहीं, इसकी सीमाएँ हैं। कभी-कभी यह अल्पसंख्यकों के हितों को अनदेखा कर सकता है अगर बहुमत की खुशी के लिए उनका बलिदान दिया जाए। इसलिए, इसे अन्य नैतिक सिद्धांतों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना बेहतर होता है, खासकर पशु कल्याण के मामलों में।