
जैतून का तेल बनाम मक्खन
तुलना
आँकड़े
- प्रोटीन (ग्राम / 100 ग्राम)
- जैतून का तेल0मक्खन0.9
- जलवायु प्रभाव (कि.ग्रा CO₂e / कि.ग्रा)
- जैतून का तेल6मक्खन12
- पानी का उपयोग (लीटर / कि.ग्रा)
- जैतून का तेल1400मक्खन5553
- भूमि का उपयोग (मी² / कि.ग्रा)
- जैतून का तेल26मक्खन33
- संतृप्त वसा (ग्राम / 100 ग्राम)
- जैतून का तेल14मक्खन51
- फाइबर (ग्राम / 100 ग्राम)
- जैतून का तेल0मक्खन0
फैसला
जैतून का तेल, मक्खन की तुलना में एक बेहतर विकल्प है। यह कम जमीन और पानी का उपयोग करता है और इसका कार्बन फुटप्रिंट भी कम है। अगर प्रोटीन आपकी प्राथमिकता है, तो मक्खन को चुनने के बजाय जैतून का तेल की मात्रा (पोर्शन) बढ़ा दें।
स्रोत: Poore & Nemecek (Science, 2018), FAO, USDA FoodData Central, Mekonnen & Hoekstra (2011)।
विस्तार से
पूरा उत्तर
जैतून का तेल और मक्खन दोनों ही खाना पकाने और स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इनकी उत्पत्ति और संरचना में बुनियादी अंतर है। जैतून का तेल जैतून के फल से निकाला जाता है, जबकि मक्खन दूध से बनाया जाता है। लोग अक्सर इनकी तुलना स्वास्थ्य, स्वाद और खाना पकाने के उपयोग के लिए करते हैं। दोनों में वसा की मात्रा अधिक होती है, लेकिन उनके वसा के प्रकार और पोषण मूल्य में बड़ा अंतर होता है।
पोषण की दृष्टि से, जैतून का तेल मुख्य रूप से मोनोअनसैचुरेटेड वसा (प्रति १०० ग्राम में ७३ ग्राम) से बना होता है, जो हृदय के लिए लाभदायक माना जाता है, जबकि मक्खन में संतृप्त वसा (प्रति १०० ग्राम में ५१ ग्राम) और कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है। पर्यावरणीय प्रभाव में भी अंतर है: जैतून के तेल के उत्पादन में प्रति किलोग्राम कम पानी का उपयोग होता है और उसका कार्बन पदचिह्न कम होता है, जबकि मक्खन के लिए डेयरी उद्योग से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अधिक होता है। यह अंतर उनके उत्पादन के तरीके से आता है।
व्यावहारिक रूप में, जैतून का तेल सलाद, सब्जियों और तलाई के लिए बेहतर है, जबकि मक्खन बेकिंग के लिए उपयुक्त है, लेकिन तेज़ आंच पर उसके दूध के ठोस अंश आसानी से जल जाते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से, जैतून का तेल अधिक फायदेमंद है, लेकिन मक्खन का स्वाद कई व्यंजनों में अपूरणीय है। संतुलन के लिए, आप दोनों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन मक्खन की मात्रा सीमित रखें। यह आपकी आहार संबंधी ज़रूरतों और पसंद पर निर्भर करता है।
एक नज़र में
मुख्य तथ्य
- प्रति १०० ग्राम संतृप्त वसा
- जैतून का तेल: १४ ग्राम · मक्खन: ५१ ग्राम
- प्रति १०० ग्राम मोनोअनसैचुरेटेड वसा
- जैतून का तेल: ७३ ग्राम · मक्खन: २१ ग्राम
- प्रति १०० ग्राम कोलेस्ट्रॉल
- जैतून का तेल: ० मिलीग्राम · मक्खन: २१५ मिलीग्राम
- धुआँ निकलने का तापमान
- जैतून का तेल: लगभग १९०–२१०°C · मक्खन: लगभग १५०°C
| बिंदु | जानने योग्य |
|---|---|
| प्रति १०० ग्राम संतृप्त वसा | जैतून का तेल: १४ ग्राम · मक्खन: ५१ ग्राम |
| प्रति १०० ग्राम मोनोअनसैचुरेटेड वसा | जैतून का तेल: ७३ ग्राम · मक्खन: २१ ग्राम |
| प्रति १०० ग्राम कोलेस्ट्रॉल | जैतून का तेल: ० मिलीग्राम · मक्खन: २१५ मिलीग्राम |
| धुआँ निकलने का तापमान | जैतून का तेल: लगभग १९०–२१०°C · मक्खन: लगभग १५०°C |
व्यवहार में
आपके लिए इसका मतलब
- सलाद में जैतून का तेल और बेकिंग में मक्खन का उपयोग करें।
- मक्खन की जगह जैतून का तेल लेना हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
- डीप फ्राइंग के लिए एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून के तेल का उपयोग न करें; इसकी जगह साधारण जैतून का तेल लें।
- मक्खन को रेफ्रिजरेटर में रखें, जैतून का तेल ठंडी जगह पर।
प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या जैतून का तेल मक्खन से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है?
क्या मैं खाना पकाने में मक्खन की जगह जैतून का तेल ले सकता हूँ?
क्या जैतून का तेल और मक्खन दोनों वजन बढ़ाते हैं?
स्रोत: Poore & Nemecek (Science, 2018), FAO, USDA FoodData Central, Mekonnen & Hoekstra (2011)।
न्यूज़लेटर
एक छोटा पत्र। महीने में एक बार।
कुछ रेसिपी, एक पढ़ने लायक कहानी, और इस हफ़्ते करने लायक एक काम। बस इतना ही।
हम तुम्हारी ईमेल कभी साझा नहीं करते। एक क्लिक में अनसब्सक्राइब।





