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शब्दावली · Diet

टेम्पेह

किण्वित सोयाबीन से बना एक सघन, अखरोट जैसा स्वाद वाला खाद्य पदार्थ।

परिभाषा

'टेम्पेह' का अर्थ

टेम्पेह की उत्पत्ति इंडोनेशिया में हुई है। इसे सोयाबीन को पकाकर और उनका छिलका उतारकर, फिर उनमें राइजोपस फफूंद (Rhizopus mold) का टीका लगाकर बनाया जाता है, जो किण्वन प्रक्रिया के माध्यम से एक सघन, बंधा हुआ केक (dense, bound cake) तैयार करता है। यह प्रक्रिया पाचनशक्ति को बढ़ाती है और विटामिन बी12 का उत्पादन करती है, हालांकि इसकी मात्रा भिन्न हो सकती है। टेम्पेह में प्रोटीन और फाइबर उच्च मात्रा में पाए जाते हैं, और इसका एक विशिष्ट मिट्टी जैसा स्वाद (earthy taste) होता है जो ग्रिल करने, तलने या भाप में पकाने के लिए उपयुक्त है।

विस्तार से

पूरा उत्तर

टेम्पेह एक किण्वित सोयाबीन उत्पाद है जो इंडोनेशिया से उत्पन्न हुआ है। इसे साबुत सोयाबीन को राइजोपस नामक फफूंद के साथ किण्वित करके बनाया जाता है, जो बीन्स को एक सघन, केक जैसी संरचना में बांधता है। आप इसे अक्सर शाकाहारी और शाकाहारी व्यंजनों में मांस के विकल्प के रूप में पाएंगे, खासकर एशियाई बाजारों और स्वास्थ्य खाद्य दुकानों में।

टेम्पेह बनाने की प्रक्रिया में सोयाबीन को पकाया जाता है, छीला जाता है, और फिर राइजोपस कल्चर के साथ मिलाकर 24-48 घंटों के लिए किण्वित किया जाता है। इस दौरान फफूंद के सफेद मायसेलियम बीन्स को आपस में जोड़ते हैं, जिससे एक ठोस ब्लॉक बनता है। किण्वन से फाइटिक एसिड टूट जाता है, जिससे खनिज अवशोषण बढ़ता है, और प्रोटीन की पाचनशक्ति में सुधार होता है।

टेम्पेह खाने से आपको उच्च गुणवत्ता वाला वनस्पति प्रोटीन, फाइबर, और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। यह मांस की तुलना में कम संतृप्त वसा प्रदान करता है। हालांकि, इसका स्वाद अखरोट जैसा और बनावट दृढ़ होती है, जो सभी को पसंद नहीं आ सकती। इसे ठीक से पकाना ज़रूरी है, क्योंकि कच्चा टेम्पेह कड़वा हो सकता है।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्यटेम्पेह
बिंदुजानने योग्य
मुख्य स्रोतकिण्वित सोयाबीन
प्रोटीन सामग्रीप्रति 100 ग्राम में 19 ग्राम
किण्वन अवधि24 से 48 घंटे
सामान्य उपयोगमांस विकल्प के रूप में

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • खरीदते समय ताज़ा टेम्पेह चुनें जिसमें सफेद मायसेलियम हो और कोई गुलाबी या पीले धब्बे न हों।
  • इसे स्टीम करने से कड़वाहट कम होती है; फिर मैरीनेट करके तलें या ग्रिल करें।
  • रेफ्रिजरेटर में 10 दिन तक रख सकते हैं; फ्रीज़ करने पर 3 महीने तक चलता है।
  • सोया एलर्जी वाले लोगों के लिए टेम्पेह उपयुक्त नहीं है; विकल्प के रूप में चने का टेम्पेह आज़माएं।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या टेम्पेह टोफू से बेहतर है?
टेम्पेह में टोफू की तुलना में अधिक प्रोटीन और फाइबर होता है, क्योंकि इसमें साबुत सोयाबीन का उपयोग होता है। किण्वन प्रक्रिया से पोषक तत्वों की जैवउपलब्धता बढ़ती है। हालांकि, टोफू का स्वाद हल्का होता है और यह अधिक बहुमुखी है। दोनों स्वस्थ विकल्प हैं, चुनाव आपकी पोषण आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।
टेम्पेह कैसे पकाएं ताकि इसका स्वाद अच्छा लगे?
पहले टेम्पेह को 10 मिनट स्टीम करें ताकि कड़वाहट कम हो। फिर इसे सोया सॉस, लहसुन और अदरक के मिश्रण में 30 मिनट मैरीनेट करें। इसे मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें या ग्रिल करें। इस तरह यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनता है।
क्या टेम्पेह में ग्लूटेन होता है?
शुद्ध टेम्पेह, जो केवल सोयाबीन और किण्वन कल्चर से बना होता है, प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-मुक्त होता है। हालांकि, कुछ व्यावसायिक ब्रांड गेहूं या अन्य अनाज मिलाते हैं। इसलिए लेबल जांचना ज़रूरी है। यदि आपको सीलिएक रोग है, तो 'ग्लूटेन-मुक्त' प्रमाणित टेम्पेह चुनें।