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रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थ

झींगा के वीगन विकल्प

किंग ऑयस्टर मशरूम · कटहल · कोंजैक प्रॉन्स

स्वैप मैट्रिक्स

इनका इस्तेमाल करें

किंग ऑयस्टर मशरूम के डंठल, कटहल और कोंजैक (konjac) बिल्कुल झींगे जैसा कुरकुरापन देते हैं। समुद्री शैवाल (seaweed) और लहसुन-मिर्च वाला मक्खन स्वाद में चार चाँद लगा देते हैं।

बदलने का अनुपात

विकल्पइतनी मात्रा लेंखास जानकारी
किंग ऑयस्टर मशरूमवजन के हिसाब से 1 : 1डंठल को गोल टुकड़ों में काटें और उन पर हल्के कट (score) लगा दें।
कटहल1 टिन = 200 g झींगेझींगे के आकार के टुकड़ों में काटें और अच्छी तरह सुनहरा होने तक भूनें।
कोंजैक प्रॉन्स1 : 1बाजार में उपलब्ध; असली झींगे जैसी बनावट के सबसे करीब।

इनके लिए सबसे अच्छा है

  • गार्लिक-चिली ’प्रॉन्स’
  • पेला (Paella) और जैम्बालाया
  • स्टिर-फ्राई और पैड थाई
  • प्रॉन-स्टाइल कॉकटेल

यह स्वैप क्यों काम करता है

पकने और मसाला लगने के बाद इसकी बनावट और स्वाद वैसा ही रहता है।

कहाँ इस्तेमाल न करें

दक्षिण-पूर्वी एशियाई व्यंजनों में अक्सर फिश सॉस और श्रिम्प पेस्ट छिपा होता है — इसकी जगह सोया सॉस, नींबू और थोड़े से मिसो (miso) के मिश्रण का उपयोग करें।

किचन टिप्स

  • मशरूम के टुकड़ों पर क्रॉस-हैच (चेक) डिजाइन में कट लगाएं ताकि पैन में डालते ही वे झींगे की तरह मुड़ जाएं।
  • कोम्बू स्टॉक (kombu stock) में चुटकी भर ओल्ड बे मसाला या सफेद मिर्च डालकर मैरीनेट करें।
  • तेज आंच पर फटाफट भूनें; भाप में पकाने से ये रबर जैसे खिंचने लगते हैं।

आँकड़े

एक किलो स्वैप करने से लगभग 12 किलो CO₂e की बचत होती है। अगर आप साल भर हफ्ते में एक बार यह बदलाव करें, तो आप लगभग 156 किलो CO₂e बचा सकते हैं — यह एक पेट्रोल कार को 780 किमी चलाने के बराबर है।

स्रोत: Poore & Nemecek (Science, 2018), FAO, USDA FoodData Central, Mekonnen & Hoekstra (2011)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

झींगे (prawns) का शाकाहारी विकल्प क्या है?

सीवीड स्टॉक में मैरीनेट किए हुए किंग ऑयस्टर मशरूम के डंठल, या अगर आपको बिल्कुल सटीक बनावट चाहिए तो बाजार से मिलने वाले कोंजैक प्रॉन्स।

क्या वीगन फिश सॉस उपलब्ध है?

हाँ — फर्मेंटेड सोया, अनानास और समुद्री शैवाल से बने विकल्प बाजार में मिलते हैं, या आप सोया सॉस में नींबू का रस और थोड़ा मिसो मिलाकर घर पर बना सकते हैं।

झींगे के सेवन से बचने की खास वजह क्या है?

झींगा पकड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले जाल (trawling) से अन्य समुद्री जीवों को बहुत नुकसान पहुँचता है, और झींगा पालन के कारण मैंग्रोव वनों का तेजी से विनाश हो रहा है।

रेसिपी को वीगन में बदलें

अपनी सामग्री की सूची यहाँ पेस्ट करें और हम जानवरों से मिलने वाली चीजों को वीगन विकल्पों में बदल देंगे, मात्रा वही रहेगी।

विस्तार से

पूरा उत्तर

झींगे का इस्तेमाल खाने में मुख्यतः उसके हल्के मीठे स्वाद, चबाने में आने वाली रसीली बनावट और जल्दी पकने की वजह से किया जाता है। यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है लेकिन इसकी बनावट और स्वाद को पूरी तरह से दोहराना पौधों से मुश्किल है, क्योंकि इसमें कोलेजन और अमीनो एसिड का खास संयोजन होता है। सीधा विकल्प ढूंढने के बजाय, हमें बनावट और स्वाद को अलग-अलग तरीकों से पाना होता है।

पौधों पर आधारित विकल्पों में सबसे आम हैं सोया प्रोटीन से बने झींगे, जिनकी बनावट काफी करीब होती है लेकिन स्वाद में थोड़ी कमी रहती है। कुछ ब्रांड समुद्री शैवाल या जैकेट फ्रूट का इस्तेमाल करते हैं, जो स्वाद तो देते हैं लेकिन बनावट उतनी चबाने लायक नहीं होती। कीमत में ये आमतौर पर असली झींगे से थोड़े महंगे होते हैं, जबकि पर्यावरणीय प्रभाव काफी कम होता है। सबसे सस्ता और आसान विकल्प है बड़े टुकड़ों में कटे हुए मशरूम, जो तलने पर झींगे जैसी बनावट देते हैं।

अच्छा नतीजा पाने के लिए सबसे ज़रूरी है सही मसालों का इस्तेमाल। झींगे के हल्के स्वाद की नकल करने के लिए लहसुन, अदरक, हल्दी और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं। पकाते समय ध्यान रखें कि पौधे आधारित विकल्प जल्दी सूख सकते हैं, इसलिए उन्हें ज़्यादा न पकाएं। तलने के लिए मध्यम आंच का इस्तेमाल करें और तेल की मात्रा सही रखें। यह स्वीकार करना ज़रूरी है कि बनावट पूरी तरह एक जैसी नहीं होगी, लेकिन स्वाद और पोषण में कोई कमी नहीं रहेगी।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्यझींगा
बिंदुजानने योग्य
मुख्य विकल्पसोया प्रोटीन, मशरूम, जैकेट फ्रूट
बनावट में समानतामशरूम तलने पर सबसे करीब
स्वाद बढ़ाने वालेलहसुन, अदरक, नींबू का रस
पकाने का समय5-7 मिनट, जल्दी सूखते हैं
पर्यावरणीय प्रभावअसली झींगे से काफी कम
कीमत तुलनाथोड़ा महंगा या बराबर

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • बड़े मशरूम को मोटे टुकड़ों में काटकर नमक और काली मिर्च लगाएं।
  • सोया प्रोटीन के झींगे को पहले 10 मिनट पानी में भिगोएं।
  • तलने से पहले मसालों को 15 मिनट मैरीनेट करें।
  • पकाने के बाद तुरंत परोसें, नहीं तो बनावट खराब हो जाती है।
  • सूप या स्टर-फ्राई में मशरूम का इस्तेमाल करें, बनावट अच्छी रहती है।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मशरूम से झींगे जैसा स्वाद आ सकता है?
मशरूम का अपना हल्का स्वाद होता है, लेकिन सही मसालों जैसे लहसुन, अदरक और सोया सॉस से इसे झींगे के करीब लाया जा सकता है। बनावट में समानता ज़्यादा होती है, स्वाद में कुछ अंतर रहेगा।
क्या पौधे आधारित झींगे सेहत के लिए अच्छे हैं?
हाँ, ये आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल मुक्त होते हैं और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। हालांकि, प्रोसेस्ड विकल्पों में सोडियम और फैट की मात्रा ज़्यादा हो सकती है, इसलिए लेबल ज़रूर पढ़ें।
क्या बच्चों को पौधे आधारित झींगे पसंद आते हैं?
अक्सर बच्चे इसे आसानी से स्वीकार कर लेते हैं, खासकर अगर इसे करी या तले हुए चावल में मिलाया जाए। बनावट में थोड़ा अंतर होता है, लेकिन स्वाद काफी मिलता-जुलता है।
क्या ये विकल्प सभी व्यंजनों में काम करते हैं?
ज़्यादातर व्यंजनों में, जैसे स्टर-फ्राई, करी और सूप में ये अच्छे लगते हैं। लेकिन ग्रिल करने पर बनावट उतनी अच्छी नहीं रहती, क्योंकि ये जल्दी सूख जाते हैं। तलना या भाप में पकाना बेहतर है।

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