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शब्दावली · Environment

उप-पकड़

व्यावसायिक मछली पकड़ने के दौरान जब लक्षित प्रजातियों के अलावा अन्य गैर-लक्षित प्रजातियाँ अनजाने में पकड़ में आ जाती हैं, जिन्हें अक्सर मृत या मरती हुई अवस्था में वापस फेंक दिया जाता है, तो इसे बायकैच कहा जाता है। इनमें से अधिकांश पकड़ी गई प्रजातियाँ, चाहे वे मछलियाँ हों, डॉल्फ़िन, कछुए, समुद्री पक्षी या अन्य समुद्री जीव, मृत या मरणासन्न अवस्था में समुद्र में वापस फेंक दी जाती हैं। यह एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है, क्योंकि इससे अनावश्यक रूप से समुद्री जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँचता है और कई संकटग्रस्त प्रजातियों के अस्तित्व पर खतरा मंडराता है।

परिभाषा

'उप-पकड़' का अर्थ

बायकैच में वे मछलियाँ, समुद्री स्तनधारी, समुद्री कछुए, समुद्री पक्षी और अकशेरुकी जीव शामिल होते हैं जो मछली पकड़ने के जालों, लॉन्गलाइनों या ट्रॉलों में आकस्मिक रूप से फँस जाते हैं। यह वैश्विक मछली पकड़ के कुल भार का 40% तक हो सकता है, जिससे पारिस्थितिकी को गंभीर क्षति और अपार बर्बादी होती है। इस समस्या को कम करने के उपायों में कछुआ निष्कासन उपकरण और गोलाकार हुक का उपयोग शामिल है।

विस्तार से

पूरा उत्तर

बायकैच का मतलब है मछली पकड़ने के दौरान जाल में फंस जाने वाली वो समुद्री जीव जिन्हें पकड़ने का इरादा नहीं था। इसमें डॉल्फ़िन, कछुए, शार्क, समुद्री पक्षी और छोटी मछलियाँ शामिल हैं। आप इस शब्द को मत्स्य उद्योग की रिपोर्टों, पर्यावरणीय लेबलों और समुद्री भोजन गाइडों में देख सकते हैं। यह समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर मानवीय गतिविधियों के अनपेक्षित प्रभाव को दर्शाता है।

बायकैच तब होता है जब बड़े पैमाने पर ट्रॉलिंग या लॉन्गलाइनिंग जैसी मछली पकड़ने की विधियाँ इस्तेमाल की जाती हैं। उदाहरण के लिए, झींगा पकड़ने के लिए बारीक जाल का उपयोग किया जाता है जो छोटी मछलियों और कछुओं को भी पकड़ लेता है। अनुमान है कि वैश्विक स्तर पर पकड़ी गई कुल समुद्री जीवों का लगभग 40% बायकैच होता है। इनमें से अधिकांश जीव मर जाते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस (TED) जैसे उपाय अपनाए गए हैं, लेकिन इनका प्रभाव सीमित है।

बायकैच का मतलब है कि समुद्री भोजन खरीदते समय आप अनजाने में पारिस्थितिकी तंत्र के विनाश में योगदान दे सकते हैं। 'डॉल्फ़िन-सेफ' या 'सस्टेनेबल' लेबल वाले उत्पाद चुनने से कुछ हद तक मदद मिल सकती है, लेकिन ये लेबल हमेशा पूरी तरह से बायकैच-मुक्त नहीं होते। सबसे प्रभावी उपाय है मछली और अन्य समुद्री जीवों का सेवन कम करना या पूरी तरह से पौध-आधारित विकल्पों को अपनाना। यह समुद्री जीवन पर दबाव को कम करने का सबसे सीधा तरीका है।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्य — उप-पकड़
बिंदुजानने योग्य
वैश्विक अनुपातकुल पकड़ का 40% बायकैच
प्रमुख शिकारडॉल्फ़िन, कछुए, शार्क, पक्षी
मुख्य कारणअंधाधुंध ट्रॉलिंग और लॉन्गलाइनिंग
नियामक उपायTED और कोटा प्रणाली सीमित

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • समुद्री भोजन खरीदते समय MSC या 'डॉल्फ़िन-सेफ' जैसे प्रमाणपत्रों की जाँच करें, लेकिन इनकी सीमाएँ समझें।
  • रेस्तराँ में मछली के व्यंजन ऑर्डर करने से पहले पूछें कि वे कहाँ से आते हैं और कैसे पकड़े गए।
  • पौध-आधारित समुद्री भोजन विकल्पों जैसे शैवाल या सोया-आधारित उत्पादों को आज़माएँ।
  • बायकैच के मुद्दे पर दोस्तों और परिवार से बात करें, ताकि जागरूकता बढ़े और सामूहिक कार्रवाई हो।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 'डॉल्फ़िन-सेफ' लेबल वाला टूना पूरी तरह से बायकैच-मुक्त होता है?
नहीं, 'डॉल्फ़िन-सेफ' लेबल सिर्फ यह सुनिश्चित करता है कि टूना पकड़ते समय डॉल्फ़िन को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। लेकिन इसमें कछुए, शार्क और अन्य समुद्री जीव अभी भी फंस सकते हैं। यह एक सीमित सुधार है, पूर्ण समाधान नहीं।
बायकैच को कम करने के लिए सबसे प्रभावी उपाय क्या है?
सबसे प्रभावी उपाय है मछली और अन्य समुद्री जीवों का सेवन पूरी तरह से बंद करना। इससे मछली पकड़ने की माँग कम होगी और बायकैच की समस्या अपने आप कम हो जाएगी। पौध-आधारित विकल्प अपनाना सबसे सीधा और टिकाऊ तरीका है।
क्या छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने में बायकैच कम होता है?
हाँ, आमतौर पर छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने में बायकैच कम होता है क्योंकि वे चुनिंदा तरीकों का उपयोग करते हैं। लेकिन यह पूरी तरह से बायकैच-मुक्त नहीं है। फिर भी, बड़े पैमाने की औद्योगिक मछली पकड़ने की तुलना में यह कम हानिकारक है।