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शब्दावली · Industry

चूजों की छंटनी

अंडा उद्योग में अवांछित नर चूजों को उनके जन्म के तुरंत बाद मार देने की प्रक्रिया को चूजों की छंटनी कहा जाता है।

परिभाषा

'चूजों की छंटनी' का अर्थ

चूंकि नर चूजे अंडे नहीं दे सकते और मांस उत्पादन के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते, इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अनुपयोगी मानकर हटा दिया जाता है। यह प्रथा दुनिया भर में पशु कल्याण समूहों के बीच अत्यधिक विवादास्पद है, जिसके कारण अब कई देशों में वैकल्पिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

विस्तार से

पूरा उत्तर

चूजों की छंटनी या 'चिक कलिंग' अंडा उद्योग की एक मानक प्रक्रिया है जिसमें व्यावसायिक हैचरी में पैदा हुए नर चूजों को उनके जन्म के पहले ही दिन मार दिया जाता है। चूंकि नर चूजे अंडे नहीं दे सकते और मांस के लिए पाले जाने वाले 'ब्रॉयलर' पक्षियों की तुलना में बहुत धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अनुपयोगी माना जाता है। यह प्रक्रिया दुनिया भर की लगभग सभी बड़ी व्यावसायिक अंडा उत्पादन इकाइयों में अपनाई जाती है, जहाँ लेयर मुर्गियों की नस्लों का प्रजनन किया जाता है।

तकनीकी रूप से, हैचरी में लिंग-निर्धारण (सेक्सिंग) के तुरंत बाद नर चूजों को अलग कर दिया जाता है। इसके बाद उन्हें 'मैसेरेशन' जैसी मशीनों में डाला जाता है जहाँ वे पल भर में पीस दिए जाते हैं, या फिर कार्बन डाइऑक्साइड गैस के माध्यम से उनका दम घोंट दिया जाता है। यह प्रक्रिया इतनी व्यापक है कि अनुमान के अनुसार हर साल वैश्विक स्तर पर लगभग छह से सात अरब नर चूजे इस तरह मारे जाते हैं। उद्योग इसे एक आवश्यक बुराई मानता है क्योंकि इन पक्षियों को पालना व्यावसायिक रूप से घाटे का सौदा होता है।

उपभोक्ताओं के लिए यह विषय नैतिक चिंता का एक बड़ा कारण है क्योंकि यह सीधे तौर पर पशु कल्याण और खाद्य प्रणाली की दक्षता से जुड़ा है। हालांकि अब 'इन-ओवो सेक्सिंग' जैसी नई तकनीकें आ रही हैं जो अंडे से निकलने से पहले ही लिंग का पता लगा लेती हैं, लेकिन ये अभी भी महंगी और सीमित हैं। एक जागरूक खरीदार के रूप में यह समझना जरूरी है कि 'फ्री-रेंज' या 'ऑर्गेनिक' लेबल वाले अंडों में भी अक्सर इसी हैचरी प्रक्रिया का उपयोग होता है, जब तक कि स्पष्ट रूप से इसके विपरीत उल्लेख न हो।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्य — चूजों की छंटनी
बिंदुजानने योग्य
वार्षिक अनुमानदुनिया भर में लगभग 7 अरब नर चूजे
प्रमुख विधियाँमैसेरेशन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उपयोग
मुख्य कारणनर चूजों का आर्थिक रूप से अव्यवहारिक होना
वैकल्पिक तकनीकइन-ओवो सेक्सिंग और दोहरे उद्देश्य वाली नस्लें

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • अंडे खरीदते समय उन ब्रांडों की तलाश करें जो स्पष्ट रूप से 'नो-किल' या 'इन-ओवो सेक्सिंग' तकनीक का उपयोग करने का दावा करते हैं।
  • स्थानीय छोटे फार्मों से पूछताछ करें कि वे अपने नर चूजों का प्रबंधन कैसे करते हैं, क्योंकि वहां प्रक्रियाएं भिन्न हो सकती हैं।
  • पौध-आधारित विकल्पों या 'एग रिप्लेसर्स' का उपयोग करके आप इस औद्योगिक चक्र की मांग को सीधे तौर पर कम कर सकते हैं।
  • पशु कल्याण नीतियों का समर्थन करें जो हैचरी में अधिक मानवीय तकनीकों या लिंग-निर्धारण के शुरुआती तरीकों को अनिवार्य बनाती हैं।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नर चूजों को मांस के लिए नहीं पाला जा सकता?
व्यावसायिक रूप से यह संभव नहीं माना जाता क्योंकि अंडा देने वाली नस्ल के नर चूजे बहुत धीरे बढ़ते हैं। मांस उद्योग के लिए विशेष 'ब्रॉयलर' नस्लों का उपयोग होता है जो कम समय में अधिक वजन प्राप्त करती हैं। लेयर नस्ल के नर चूजों को पालने में आने वाली लागत उनके मांस की बाजार कीमत से कहीं अधिक होती है।
क्या जैविक (ऑर्गेनिक) अंडों में भी चूजों को मारा जाता है?
हाँ, अधिकांश जैविक और फ्री-रेंज प्रणालियों में भी चूजों की छंटनी होती है। जैविक लेबल मुर्गियों के रहने की स्थिति और उनके चारे से संबंधित होता है, लेकिन वे चूजे अक्सर उन्हीं बड़ी हैचरी से आते हैं जहाँ नर चूजों को मारने की मानक प्रक्रिया अपनाई जाती है। जब तक विशेष प्रमाणन न हो, यह प्रक्रिया जारी रहती है।
क्या इस प्रक्रिया का कोई मानवीय विकल्प मौजूद है?
वर्तमान में 'इन-ओवो सेक्सिंग' सबसे प्रमुख विकल्प है, जिसमें अंडे के भीतर ही भ्रूण के लिंग का पता लगा लिया जाता है। इससे चूजे के विकसित होने से पहले ही नर अंडों को हटा दिया जाता है। जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने इस दिशा में कानून बनाकर पारंपरिक कलिंग पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है।