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शब्दावली · Industry

रैनेट

रेनट एक एंजाइमों का जटिल समूह है, जो पारंपरिक रूप से बछड़े के पेट से प्राप्त किया जाता है, और पनीर निर्माण में दूध को जमाने (कोगुलेट) करने के लिए उपयोग किया जाता है।

परिभाषा

'रैनेट' का अर्थ

रैनेट में काइमोसिन नामक एंजाइम होता है, जो दूध में मौजूद केसीन प्रोटीन को तोड़कर दही (कर्ड) का निर्माण करता है। पारंपरिक पशु-आधारित रैनेट प्राप्त करने के लिए युवा बछड़ों का वध करना आवश्यक होता है, जबकि माइक्रोबियल या किण्वन-आधारित रैनेट एक शाकाहारी विकल्प प्रस्तुत करता है। वर्तमान में अधिकांश औद्योगिक पनीर उत्पादन में गैर-पशु रैनेट का उपयोग किया जाता है, हालांकि कुछ पारंपरिक किस्में अब भी बछड़े के रैनेट पर निर्भर रहती हैं।

विस्तार से

पूरा उत्तर

रैनेट एक एंजाइम मिश्रण है जो पनीर बनाने में दूध को फाड़ने (जमाने) के लिए उपयोग किया जाता है। यह पारंपरिक रूप से बछड़ों, मेमनों या बकरियों के चौथे पेट (अबोमासम) से प्राप्त होता है, जहाँ यह दूध पचाने में मदद करता है। अधिकांश व्यावसायिक पनीर, विशेषकर हार्ड चीज़, में रैनेट का उपयोग होता है, हालाँकि इसके स्रोत के बारे में उपभोक्ताओं को अक्सर जानकारी नहीं दी जाती।

वास्तविक दुनिया में, रैनेट का मुख्य सक्रिय तत्व काइमोसिन है, जो दूध के प्रोटीन (कैसिइन) को तोड़कर ठोस दही और तरल मट्ठा में अलग करता है। पारंपरिक पशु रैनेट के लिए, बछड़ों को मारने के बाद उनके पेट से एंजाइम निकाला जाता है। आज, अधिकांश औद्योगिक पनीर में माइक्रोबियल रैनेट या जेनेटिकली इंजीनियर्ड काइमोसिन का उपयोग होता है, जो फफूंद या बैक्टीरिया से बनाया जाता है और शाकाहारी होता है।

यह मामला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो शाकाहारी या वीगन आहार लेते हैं, क्योंकि पारंपरिक पशु रैनेट वाला पनीर उनके लिए उपयुक्त नहीं है। हालाँकि, कई पनीर निर्माता अब शाकाहारी रैनेट का उपयोग करते हैं, लेकिन लेबल पर इसका स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य नहीं है। सीमा यह है कि कुछ पारंपरिक या आयातित चीज़ों में अभी भी पशु रैनेट हो सकता है, इसलिए लेबल पढ़ना या निर्माता से पूछना आवश्यक है।

एक नज़र में

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्य — रैनेट
बिंदुजानने योग्य
प्रमुख स्रोतबछड़े, मेमने, बकरी के पेट
शाकाहारी विकल्पमाइक्रोबियल या जेनेटिक काइमोसिन
उपयोग का क्षेत्रअधिकांश हार्ड और सेमी-हार्ड पनीर
लेबलिंग नियमअनिवार्य नहीं, अक्सर अस्पष्ट

व्यवहार में

आपके लिए इसका मतलब

  • पनीर खरीदते समय 'शाकाहारी रैनेट' या 'माइक्रोबियल एंजाइम' लिखा देखें, यह पशु-मुक्त होता है।
  • यदि लेबल पर 'रैनेट' या 'एंजाइम' लिखा हो, तो निर्माता से स्रोत पूछें या शाकाहारी प्रमाणित ब्रांड चुनें।
  • परमेसन, ग्रुयेर और कुछ पारंपरिक चीज़ों में अक्सर पशु रैनेट होता है, इनसे बचें।
  • वीगन पनीर विकल्प पूरी तरह से पशु-मुक्त होते हैं, लेकिन स्वाद और बनावट भिन्न हो सकती है।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी पनीर में रैनेट होता है?
नहीं, सभी पनीर में रैनेट नहीं होता। ताज़ा पनीर जैसे पनीर (भारतीय), रिकोटा, और क्रीम चीज़ में आमतौर पर रैनेट नहीं डाला जाता, क्योंकि इन्हें एसिड या गर्मी से जमाया जाता है। हार्ड और एजेड चीज़ में रैनेट का उपयोग अधिक होता है।
क्या माइक्रोबियल रैनेट शाकाहारी है?
हाँ, माइक्रोबियल रैनेट फफूंद या बैक्टीरिया से बनाया जाता है और इसमें किसी जानवर का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह शाकाहारी और वीगन दोनों के लिए उपयुक्त है। अधिकांश आधुनिक पनीर उद्योग इसे पसंद करता है।
क्या पारंपरिक पनीर में पशु रैनेट जरूरी है?
पारंपरिक रूप से, कुछ चीज़ों जैसे परमेसन-रेजिआनो में पशु रैनेट अनिवार्य माना जाता है, लेकिन अब कई निर्माता शाकाहारी विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं। हालाँकि, प्रामाणिकता के लिए कुछ उत्पादक अभी भी पशु रैनेट पर जोर देते हैं।